19 साल के लड़के ने बनाया अपने automatic tractor ट्रेक्टर |

भारतीय लाड़के ने बनाया Driverless ट्रेक्टर : Automatic Tractor Hindi


भारत देश की मिट्टी ही कुछ ऐसी है जनाब यहाँ हर दिन कोई ना कोई युवा ऐसा पैदा होता है जो बड़े बड़े वैज्ञानिको और कंपनीयों को हैरत मे डाल देता है,

कुछ ऐसा ही राजस्थान के बारण जिले के एक छोटे से गाँव के लड़के ने कर दिखाया जो कंपनीया करोडो खर्च करके भी अभी तक नहीं कर पायी।
इस लड़के का नाम योगेश नागर है और यह एक किसान का बेटा है।

छोटे गाँव राजस्थान का लड़का : Automatic Tracktor Hindi

कहानी कुछ ऐसी है के छोटे से गाँव का लड़का योगेश नागर अपनी पढ़ाई पूरी करने कोटा राजस्थान की किसी यूनिवर्सिटी मे गया था, योगेश को पता चला पिताजी के पैर मे कुछ दिक्कत होने लगी थी इसके चलते अपने पापा से मिलने 1 महीने के लिए गाँव लौटा था, इस एक महीने मे योगेश ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसके बारे मे जान कर शायद आपके होश उड़ जाएंगे।
जब योगेश अपने गाँव लौटे तो उसने देखा उसके पापा जो एक किसान हैँ रात दिन मेहनत करते हैँ खेती मे, क्यूंकि अब वह दिन चले गए जब बैल से जुताई किया करते थे, योगेश के पिता जो एक किसान हैँ अपने ट्रैक्टर से खेत मे जुताई किया करते थे,असल मे जुताई के आलावा भी किसान को कई काम होते हैँ जो मेहनत ट्रेक्टर चलाने मे लगती है वह अगर दूसरे कामों मे लगाई जाए तो किसान को ज़िन्दगी कितनी आसान हो जाये, क्यूंकि ट्रैक्टर चलाने से चालक की कमर पर बहित बुरा असर पड़ता है इस लिए किसान जुताई के लिए अपना समय बचाने हेतु अलग से ट्रैक्टर चालक रखते हैँ।
राजस्थान के बारण जिले का गांव : Automatic Tractor Hindi

अब ड्राइवर को पैसे भी देने पड़ेंगे अगर काम करता है इससे मुनाफे मे खोट का सामना करना पड़ सकता है,तो और अगर पैसे बचाने की सोचे तो खुद मेहनत करनी पड़ेगी और इतने समय की बर्बादी होंगी, इसी को ध्यान मे रखते हुए योगेश जो इंजीनियर की पढ़ाई करके लौटा है कुछ ऐसा करना चाहता था जिससे अपने पिता को मदद मिले,उस वक़्त योगेश बीएससी के पहले वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे मतलब अभी 12 वी क्लास से बाहर निकले थे, जब योगेश गाँव वापिस लौटे तो उन्हों ने 2 महीने बिना रुके अपने पिताजी की जगह जुताई के लिए खेत मे ट्रेक्टर चलाया,उसके बाद उन्होंने सोचा के एक क्यों ना एक अविष्कार किया जाए जिससे मेहनत और समय बच्चे और उस मेहनत और समय को किसी और काम मे लगाया जाए।

अविष्कार पर पिताजी की प्रतिक्रिया और सहाय : Automatic Tractor Hindi

फिर योगेश ने अपना अविष्कार पिताजी के सामने रखा, पिताजी ने 2,000 रुपये दिए और अपने बेटे योगेश से कहा इसे तुम पहले छोटे पायदान पर बनाके दिखाओ फिर अगर सफल हुआ तब मे तुम्हे इस आविश्कार को आगे बढ़ाने की इजाज़त दूंगा,उन 2,000 रुपयों मे योगेश कुछ सामान लेके आये और अपने हिसाब से अविष्कार शुरु किया, फिर जब पिताजी को दिखाया तो वह दंग रह गए और बहुत खुश हुए,इसके बाद पिताजी ने अपने यार – रिश्तेदारों से पैसे जमा करना शुरु किया और जमा करते करते 50,000 रुपये की रकम बन गई और वह पैसे उन्होंने अपने बेटे योगेश को दिए।

योगेश की मेहनत : Automatic Tractor Hindi


फिर योगेश दिन रात मेहनत करने लगे ड्राइवरलेस ट्रेक्टर बनाने के लिए,कहा गया है के योगेश ने लगातार 6 महीने मेहनत की इस अविष्कार पर और आख़िरकार योगेश की मेहनत रंग लाइ,
अब योगेश ने एक ऐसा रिमोट बना लिया था जो ट्रेक्टर को पुरे तरीके से कण्ट्रोल कर सकता था।

रिमोट कण्ट्रोल से चलता है ये ट्रेक्टर : Automatic Tractor Hindi


इस रिमोट कण्ट्रोल मे स्टीरिंग हु बहु ट्रेक्टर के स्टीरिंग के आक़ार मे बनाया, इसके आलावा गियर, क्लच, ब्रेक और एक्सेलरेटर जैसे तमाम कण्ट्रोल अब रिमोट कण्ट्रोलर से दूर से ही काबू मे किये जा सकते हैँ, दरअसल रिमोट कंट्रोलर मे एक ट्रांसमेटीर लगा है जो ब्रेक, क्लच एक्सेलरेटर को सिग्नल भेजता है इस रिमोट से चालक(ड्राइवर) दूर से ही ट्रेक्टर पर हुकुम कर सकता है के उसे चलना है, रुकना है, जुताई करना है या नहीं करनी इसके आलावा रिमोट मे ट्रेक्टर को बंध/चालू  करने के लिए एक चाबी भी लगाई गई है जो ठीक वैसे ही काम करती है जैसे के ट्रेक्टर की असली चाबी करती है।

AutoMatic Tractor Hindi

अगर बात चले ऑटो मेटिक वाहन या ड्राइवरलेस वाहन की तो हम इसे आलस के साथ जोड़ के देखते हैँ और कई देशो मे ये सही भी कहा जाता है इसी लिए बड़ी बड़ी car कंपनीया ड्राइवरलेस car पर काम कर रही हैँ पर एक ऑटो मेटिक ट्रेक्टर या फिर ड्राइवरलेस ट्रेक्टर (चालक हिन ट्रेक्टर) किसान के लिए वरदान साबित हो सकता है।
इस चालक हीन ट्रेक्टर (driverless Tractor) को बनाने की सफलता के बाद अब योगेश का सपना है के अब वह भारतीय सेना के लिए एक (driverless tank) चालकहीन टैंक बनाना चाहते हैँ (मेक in इंडिया के तहत) जिससे हमारे फ़ौजी भाइयों को मदद मिल सके और दुशमन देशो को कड़ी टक्कर भी मिले और जवानो की जान भी बचे, योगेश के इस सपने को wheelshindi की तरफ से सलाम और हम योगेश के इस काम की सराहना करते हैँ, अगर योगेश को थोड़ी मदद की जाए फाइनेंस के ज़रिये तो ये लड़का बड़ी बड़ी कम्पनीइयो के छक्के छुड़ा सकता है अउ भारत देश का नाम पूरी दुनिया मे रोशन कर देगा।
इस वीडियो को फेसबुक पर हिस्ट्री टीवी 18 ने अपलोड किया था और आप अगर पूरा वीडियो देखना चाहते हैँ तो यहाँ क्लिक करें 
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आदित्य शर्मा, हमारे मिलनसार कहानीकार, बड़े और छोटे सभी प्रकार के वाहनों के बारे में बात करते हैं। चाहे साइकिल हो या बड़ी बस, आदित्य के शब्द आपको सड़कों पर चलने की खुशी का एहसास कराते हैं। उनकी कहानियाँ हर वाहन को एक जादुई यात्रा का हिस्सा बना देती हैं।
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